बोलो मैने क्या अपराध किया है ...
तेरे रक्त ने मुझको सींचा है ।
तेरी कोख ने मुझको भींचा है ।
तेरे प्रेम की छाया मुझे भी है प्यारी ।
पर तेरी है ये कैसी लाचारी ।
जो मुझे अजन्मे का क्यों दण्ड दिया है ?
बोलो मैंने क्या अपराध किया है ...?
तू मेरी प्यारी - प्यारी महतारी है ।
ये तेरी शापित अजन्मी बिटिया प्यारी है ।
मैं तेरे मन उपवन को महकाउंगी ।
खुषबू बन सब पर छा जाउंगी ।
पर तूने मुझे क्यों त्याग दिया है ?
बोलो मैंने क्या अपराध किया है ...?
तू मेरी मुझ में तेरा ही अंष है ।
बापू से कहना ये भी तेरा वंष है ।
बचा ले मुझको मैं तेरी हो जाउंगी ।
बैठ तेरे संग बन्ना मं गाउंगी ।
फिर तूने क्यों लाचारी का पैगाम दिया है?
बोलो मैंने क्या अपराध किया है ...?
तेरा वजूद तेरी मां का है ।
तुझ पर एहसान नानी मां का है ।
तू एहसान उतारेगी मैं मुस्काउंगी ।
तेरी गोद में किलकारी भर पाउंगी ।
पर तूने क्यों नानी मां को भुला दिया ?
बोलो मैंने क्या अपराध किया है ...?
आलोक मिश्रा
तेरे रक्त ने मुझको सींचा है ।
तेरी कोख ने मुझको भींचा है ।
तेरे प्रेम की छाया मुझे भी है प्यारी ।
पर तेरी है ये कैसी लाचारी ।
जो मुझे अजन्मे का क्यों दण्ड दिया है ?
बोलो मैंने क्या अपराध किया है ...?
तू मेरी प्यारी - प्यारी महतारी है ।
ये तेरी शापित अजन्मी बिटिया प्यारी है ।
मैं तेरे मन उपवन को महकाउंगी ।
खुषबू बन सब पर छा जाउंगी ।
पर तूने मुझे क्यों त्याग दिया है ?
बोलो मैंने क्या अपराध किया है ...?
तू मेरी मुझ में तेरा ही अंष है ।
बापू से कहना ये भी तेरा वंष है ।
बचा ले मुझको मैं तेरी हो जाउंगी ।
बैठ तेरे संग बन्ना मं गाउंगी ।
फिर तूने क्यों लाचारी का पैगाम दिया है?
बोलो मैंने क्या अपराध किया है ...?
तेरा वजूद तेरी मां का है ।
तुझ पर एहसान नानी मां का है ।
तू एहसान उतारेगी मैं मुस्काउंगी ।
तेरी गोद में किलकारी भर पाउंगी ।
पर तूने क्यों नानी मां को भुला दिया ?
बोलो मैंने क्या अपराध किया है ...?
आलोक मिश्रा
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